हिन्दी English


37. " सठियाये 'पद लुव्ध' कुछ , उबल रहे मदहोश ।

..........................................................................

"मन होता है इस्तीफा दे दूँ ।'' ....'..पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी '

''गतिरोध (संसद् को लगातार ठप रखने )के लिये हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है । उसके बाद क्या विजय चौक पर जाकर फाँसी लगा लें ।''.....लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे '

(यहाँ यह ज्ञातव्य है कि लगातार 20 दिन तक कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसदों ने दोनों सदनों की कार्यवाही को हंगामा कारकेनहीं चलना दिया ,देश की जनता ने टी वी पर प्रत्यक्ष देखा )

"कांग्रेस ,सपा ,बसपा ,राकांपा जैसे दलों के कार्यालय में हो रहा कमीशन लेकर नोट बदलने का काम, विपक्ष बेनकाब हो चुका है और बौखलाहट में अनाप शनाप आरोप लगा रहा है...। हम देश बदलने में लगे हैं और विपक्ष नोट बदल रहा है।" ..... प्रकाश जावड़ेकर ,केन्द्रीय मंत्री

"प्रधानमंत्री डरे हुये हैं ,वह उन्हें इसलिये नहीं बोलने दे रहे क्योंकि उनके निजी भ्रष्टाचार की मेरे पास पुख्ता जानकारी है ।" .........राहुल गान्धी ,कांग्रेस उपाध्यक्ष

उपर्युक्त बयानों की पृष्ठभूमि में मेरी प्रतिक्रिया ....

" सठियाये 'पद लुव्ध' कुछ , उबल रहे मदहोश ।
फँसा गला जिनका वही ,प्रकट करें आक्रोश ।।
प्रकट करें आक्रोश , पिये जो खून देश का ।
ध्यान न जिनको कभी , 'लोक' के बढ़े 'क्लेश' का।।
आतंकी बेइमान , दुष्ट द्रोही 'नठियाये'।
मोदी के विपरीत , सभी ये ,औ' सठियाये ।।"


विशेष ....
' पद लुव्ध .'...पद लोभी ,पदलोलुप ।
'लोक ..'जन सामान्य ,आम जनता।
'क्लेश .' देश की आम जनता की विपन्नता से उपजे अनेक
अवर्णीय कष्ट ,दुःख ।

'नठियाये' ....संस्कृत के 'नेष्ट: ' शब्द से विशेषण 'नठिया '
विकसित हुआ और 'नठिया ' से क्रिया 'नठियाये'
बना ।जिसका अर्थ हुआ 'अवांछित गतिविधियों में लिप्त ' ।


38. " चोर कर रहा शोर "
.................................

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गान्धी के मध्य नोटबंदी को लेकर ( मेरी गवाही में ?) में डील हुई है ।" ....मिस्टर फ्रॉड ( धूर्तराज ) ,'जार शिरोमणि 'हेजरी वाल'

चर्चा में बने रहने के लिये यह श्रीमान् जी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक लोक प्रिय प्रधानमंत्री के विरुद्ध निरन्तर
तथ्यहीन अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं । इनके पापों की सूची इतनी लम्बी है कि उसके लिये एक 'खल नायक प्रधान' वृहत् उपन्यास का कलेवर अपर्याप्त सिद्ध होगा ।
दिल्ली राज्य में जितने नोटबंदी से सम्बंधित एक्सिस बैंक में घोटाले हो रहे हैँ ,उनकी योजना में इनकी " आप " की
( अराजक अपराधवादी पार्टी ) प्रत्यक्ष और परोक्ष भूमिका रही है । इसकी' आप' के पदाधिकारी एक्सिस बैंक के 'पूर्व अधिकारी 'रहे हैं । सबसे ज्यादा काले धन के धंधे में इसकी 'आप के लोग' शामिल रहे हैं ,क्योंकि एक्सिस बैंक में सर्वाधिक घोटाले दिल्ली में और वे भी उन शाखाओं पर हुये हैं ,जिन शाखाओं से आप के सम्बन्ध रहे हैं । यह इसीलिये जोर जोर से प्रधानमंत्री के खिलाफ भौंकते रहते हैं ,जिससे इनकी चोरी और अन्य अपराधों की ओर
जनता और सरकार का ध्यान न जाने पाये और सजा से बचे रहने के लिये प्रधानमंत्री के विरुद्ध जोर शोर 'एक ढाल 'का काम
करता रहे ।
आज की पोस्ट की पृष्ठभूमि की यही रही है । वहुपठित और वहुश्रुत विज्ञ मित्रगण अपनी प्रतिक्रिया से अवश्य अवगत
कराने का कष्ट करें .......

" एक अचम्भा दिखा है ,'मनुजाकृति' में ' ढोर '!
आगे आगे जोर से , चोर कर रहा शोर !!
चोर कर रहा शोर , जोकि चोरों का मुखिया !
कुटिल अराजक मूर्ति ,दिखे बेचारा दुखिया !!
बिल्ली की औलाद , नोचता दीखे खम्भा !
' चोर - प्रमुख 'जज बना , रहा ना एक अचम्भा !! ''


विशेष .....
'मिस्टर फ्रॉड .'..गत पोस्ट में स्पष्ट किया जा चुका है ।
'जार शिरोमणि '... व्यभिचारियों का मुखिया ।
'हेजरी वाल' ....पर भी पूर्व में प्रकाश डाला जा चुका है ।
'मनुजाकृति '... मनुष्य के शरीर में ।
'ढोर '............जानवर ,पशु ।
'अचम्भा '... आश्चर्य ।


39. "यह जनप्रतिनिधि मुर्ख ,याकि भड़ुआ नालायक ? "
..............................................................................

नोटबंदी और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलते हुये मऊ विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित 'सपा विधायक सुधाकर सिंह 'इतने आवेश में आ गये कि उन्होंने एक सार्वजनिक सभा में घोषणा कर दी कि यदि किसी ' सैनिक शहीद की विधवा भाग' जाये गी ,तो उसके परिवार को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख दिए जायेंगे ।यद्यपि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह घोषणा उन्होंने अपनी ओर से की अथवा अपनी समाजवादी (? ) सरकार की ओर से की है ।
ऐसी बेहूदी घोषणा ने मेरे सम्वेदनशील कवि हृदय को अत्यधिक
विचलित कर दिया है ।आज की पोस्ट में मैं अपनी इसी हार्दिक पीड़ा को काव्यात्मक शैली में अपने समस्त मित्रों से साझा कर रहा हूँ ....

" विधवा अगर शहीद की , भाग जाय घर छोड़ ।
'पांच लाख' परिवार को , आश्वासन 'बेजोड़ ' !!
आश्वासन बेजोड़ , दिये इक सपा विधायक !
यह जनप्रतिनिधि मुर्ख ,याकि 'भड़ुआ 'नालायक ??
लांछित नारी किये , कुमारी हो या 'सधवा ' ।
वह तो दुखिया रही , युवा सैनिक की विधवा !!"


विशेष ....
' बेजोड़ '.... अनोखा ,असामान्य ,यहाँ अपमान जनक
अर्थ में ।
'भड़ुआ.'. वेश्याओं ( रंडियों ) का दलाल ,अय्याशी
अथवा व्यभिचार के लिये रंडियों का सौदा
करने वाला।
'सधवा'.. ...विवाहित स्त्री ,जिसका पति जीवित हो ।
'विधवा 'का विलोम शब्द



***अन्य भागों को पढ़ने के लिये नीचे दिये गये लिंक्स पर टच या क्लिक करें -
भाग-1
भाग-2
भाग-3
भाग-4
भाग-5
भाग-6
भाग-7
भाग-8
भाग-9
भाग-10
भाग-11
भाग-12
भाग-14
भाग-15
भाग-16
भाग-17

टिप्पणी

क्रमबद्ध करें

© C2016 - 2020 सर्वाधिकार सुरक्षित Website Security Test