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पृथ्वी पर जनसंख्या वितरण

किसी विशिष्ट समय में किसी प्रदेश में जनसंख्या का वितरण व उनका घनत्व प्राकृतिक दशाओं के अतिरिक्त वहाँ के सामाजिक, आर्थिक राजनैतिक, ऐतिहासिक व जनांकिकी कारकों का परिणाम होता है। पृथ्वी पर जनसंख्या के वर्तमान वितरण को इसी परिप्रेक्ष्य में समझा जा सकता है। जहाँ जनसंख्या के निवास की अनुकूल परिस्थितियाँ होती हैं वहाँ विश्व के बसे हुए क्षेत्र मिलते हैं जबकि जिन प्रदेशों में मानवीय बसाव के प्रतिकूल दशाएँ हैं, जनसंख्या का घनत्व अत्यधिक न्यून है। जनसंख्या के वितरण को इन्ही दो वृहद् वर्गों में बांटकर रखा जा सकता है। 

विश्व के बसे हुए क्षेत्र

पृथ्वी पर जनसंख्या के चार वृहद् समूह पाए जाते हैं -

1. पूर्वी एशिया

2. दक्षिणी एशिया

3. यूरोप

4. पूर्वी एंग्लो - अमेरिका

पूर्वी एशिया:- यहाँ विश्व की कुल जनसंख्या का 25 प्रतिशत भाग पाया जाता है। इस प्रदेश के प्रमुख देश चीन, जापान, उत्तरी व दक्षिणी कोरिया, ताइवान आदि हैं। जापान को छोड़कर इनमें से प्रायः सभी देश कृषि प्रधान हैं। जनसंख्या प्रमुख रूप से नदी घाटियों, तटीय मैदानों व डेल्टाई भागों में केन्द्रित है। चीन की अधिकांश जनसंख्या पूर्वी तथा दक्षिणी पूर्वी भाग में पाई जाती है। यहाँ ह्वांगहो, वीही, यांगटीसीक्यांग व सीक्यांग नदी घाटियों में जनसंख्या का संकेन्द्रण है। ह्वांगहो नदी की घाटी में चीन की लगभग 30 प्रतिशत जनसंख्या पायी जाती है। इसकी एवं यांगटीसीक्यांग के नदी घाटियाँ व डेल्टाई प्रदेश के कई भागों में जनसंख्या घनत्व 1000 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी0 से भी अधिक है। जापान एशिया का सबसे अधिक उद्योग प्रधान राष्ट्र है। जापान की अधिकांष जनसंख्या 33 अंश से 37 अंश से उत्तरी अक्षांशों के मध्य पाई जाती है। उत्तर में होकैडो द्वीप की जलवायु विषम होने के कारण जनसंख्या कम है। पूर्वी एशिया में जनसंख्या की वृद्धि दर 1.0 प्रतिशत है जो दक्षिण एशिया का आधा तथा विश्व के औसत वृद्धि दर से भी कम है। 

दक्षिण एशिया:- इस क्षेत्र में विश्व की कुल जनसंख्या का 35 प्रतिशत भाग निवास करता है। इसे तीन भागों में बांटकर देखा जा सकता है।

1. दक्षिण पूर्वी एशिया:- यहाँ विश्व की 8.5 प्रतिशत जनसंख्या पायी जाती है। इस क्षेत्र में इण्डोनेशिया, वियतनाम, फिलीपीन्स, थाईलैण्ड, म्यांमार, कंबोडिया व मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। यहाँ की जनसंख्या कृषि प्रधान है एवं मुख्यतः नदी घाटियों निचले मैदानों एवं डेल्टाई प्रदेशों में केंन्द्रित है। म्यामार में इरावदी नदी की घाटी तथा डेल्टाई प्रदेश सबसे अधिक जनसंख्या का बसाव क्षेत्र है। थाईलैण्ड में मीनाम-मीकांग नदी की निचली घाटी सबसे सघन बसा हुआ क्षेत्र है। कंबोडिया (कम्पूचिया) तथा दक्षिण वियतनाम में मीकांग नदी का निचला मैदान जनसंख्या संकेन्द्रण का मुख्य क्षेत्र है। उत्तरी वियतनाम में टाकिंग का मैदान सबसे घना बसा हुआ क्षेत्र है। मलेशिया प्रायद्वीप की अधिकांश जनसंख्या पश्चिमी तटवर्ती भाग तथा सिंगापुर में संकेन्द्रित है। इण्डोनेशिया में जावा तथा मदुरा द्वीपों में जनसंख्या का सघन बसाव है। जावा द्वीप का क्षेत्रफल यद्यपि देश के क्षेत्रफल का मात्र 7 प्रतिशत ही है परन्तु यहाँ पर इण्डोनशिया की लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। उपजाऊ काली मिट्टी तथा धान, गन्ना, चाय, नारियल व रबड़ की सघन खेती के कारण यहाँ जनसंख्या का इतना सघन बसाव है। फिलीपीन्स के लूजोन द्वीप में भी जनसंख्या का अच्छा संकेन्द्रण देखा जाता है।

2. मध्य दक्षिणी एशिया:- यहाँ विश्व की 24 प्रतिशत जनसंख्या पायी जाती है। इसके अन्तर्गत भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल तथा श्रीलंका आते हैं। इसी वृहद् प्रदेश के अन्दर मध्य एशिया के कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा उज्बेकिस्तान के नए राज्य भी सम्मिलित हैं जो कि पूर्व सोवियत संघ के भाग हैं। ये कृषि प्रधान देश हैं एवं इनकी आबादी मुख्यतः नदी घाटियों, डेल्टाई भागों व तटीय मैदानों में संकेन्द्रित है। भारत की 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या सतलज और गंगा के मैदानी भागों में पायी जाती है। गंगा - ब्रम्हपुत्र के डेल्टा क्षेत्र में दक्षिण एशिया की सघनतम जनसंख्या पाई जाती है। भारत के पूर्वी तटवर्ती प्रदेश में महानदी, कृष्णा-गोदावरी तथा काबेरी के डेल्टाई भाग एवं पश्चिमी तटवर्ती प्रदेशों के मालाबार तट के उपजाऊ मैदानों में भी सघन जनसंख्या बसाव है। भारत में बढ़ते नगरीकरण व औद्योगीकरण से धीरे-धीरे जनसंख्या का पुनर्वितरण हो रहा है। बांग्लादेश की 90 प्रतिशत जनसंख्या गंगा-ब्रम्हपुत्र के डेल्टाई भागों में संकेन्द्रित है। अनेक भागों में जनसंख्या घनत्व 1000 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी0 से भी अधिक है। पाकिस्तान की अधिकांश जनसंख्या सिंधु नदी के निचले मैदानों व डेल्टा प्रदेश तथा सतलज सिन्दु नदी के दोआब क्षेत्र में पायी जाती है। श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में तथा नेपाल के तराई भाग में इन देशों की अधिकांश आबादी निवास करती है। 

3.दक्षिणी-पश्चिमी एशिया:- यह एक गर्म शुष्क मरूस्थली प्रदेश है। यहाँ की जनसंख्या का मुख्य बसाव नदियों के दोआब क्षेत्रों में, समुद्र तटीय भागों में, पहाड़ियों की तलहटियों में, नदी-घाटियों में तथा जलस्रोतों के पास है। इस प्रदेश की जनसंख्या मुख्यतः ईरान, इराक और तुर्की में निवास करती है। सीरिया, सउदी अरब, इजराइल, जोर्डन, लेबनान आदि इस क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण देश हैं। कृषि, पशुपालन व तेल निकालना इस प्रदेश की जनसंख्या का आर्थिक आधार है। ईरान की अधिकांश जनसंख्या पश्चिमी भाग में तथा दक्षिण - पश्चिम के खुजिस्तान क्षेत्र में पाई जाती है। इराक में जनसंख्या का मुख्य बसाव दजला-फरात के दोआब क्षेत्र में है। टर्की, लेबनान व इजराइल में अधिकांश जनसंख्या भूमध्यसागरीय तटवर्ती भाग तथा नदी घाटियों में रहती है। 


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