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गाड़ी ज्ञान....
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अगर आप बहुत पुराने मॉडल की गाड़ी के मालिक हैं और उसके अलावा आपने कभी कोई दूसरी गाड़ी कभी नहीं चलाई हो...ऐसे में अचानक से आपको एक लेटेस्ट मॉडल वाली गाड़ी चलाने का मौक़ा मिल जाए तो जल्दबाजी ना करें...आप अनुभवी हैं लेकिन एक-गाड़ीय अनुभवी.....
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आप अपनी पुरानी गाड़ी के पैंतरे नए मॉडल की गाड़ी पर नहीं चला सकते.... खासकर स्टीयरिंग का बहुत ध्यान रक्खें... आपके ज़माने के स्टीयरिंग बड़े और हैवी होते थे...हैंडल करने में बड़ी ताकत और मेहनत लगती थी...स्टीयरिंग थामे गाड़ी चलाना किसी युद्ध जीतने से कम नहीं होता था......इसीलिए पुराने जमाने के ड्राईवरों के बाजू ज्यादा मजबूत होते थे...मस्क्युलर भी... इसके उलट आजकल के नए मॉडल्स की गाड़ियों के स्टीयरिंग काफ़ी छोटे और सॉफ्ट होते हैं...पावर स्टीयरिंग जो हैं...उसे आराम से पकड़ धीरे धीरे घुमाएं...एक हाथ से ही गाड़ी घूम जाती है.....एक आध बार चलाते ही आप अभ्यस्त हो जायेंगे...अनुभव किस दिन काम आएगा....
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इसके अलावा नये मॉडल्स की गाड़ियों के हौर्न्स भी अपेक्षाकृत काफी छोटे और नाजुक होते हैं....ज्यादा जोर से नहीं दबा सकते..... कुछ गाड़ियां 6 गियर की भी होती हैं..... उनमें रिवर्स गियर को लेकर कन्फ्यूज ना हों...फर्स्ट और रिवर्स गियर एक ही होता है बस गियर हैंडल को थोड़ा सा उचका के पेलो और गाड़ी रिवर्स में हाजिर है...
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इसके अलावा अगर गाड़ी ऑटोमैटिक हो तो अपनी अज्ञानता दिखाते हुए उसमें क्लच ना ढूंढें....गाड़ी बिदक सकती है....ऐसे दिखाएँ कि आपको सब पता है....चलाने में उतनी भारी गाड़ी का अभ्यस्त होने के कारण ये वाली आपको मक्खन जैसी लगेगी....क्लच ना होने के कारण शुरू में थोड़ा अटपटा लगेगा लेकिन एक बार हाथ रवां होने के बाद आप केवल ब्रेक और एक्सीलेटर से ही राइडिंग का मजा लें...
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#मलंग_मिस्त्री द्वारा चालक हित में निशुल्क जारी....

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