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नारी....एक नजरिया
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"पांय लागू उस्ताद..!!"

अबे जमूरे.,.!! कहाँ था बे इतने दिन..? दिखाई ही नही दिया..,

एक आईटम के चक्कर मे पडेला था उस्ताद. ..खी खी खी

अबे साले...तेरा कुछ नही हो सकता...तू कभी नही सुधरेगा...

अरे नक्को उस्ताद. .!! अबकी बार तो पिरोगराम फूलटूस फिट था..!! वो आईटम जो है न.., वो रोज अपनी खोली के पीछू वाले पारक मे माॅरनिंग वाक के वास्ते जाती थी....अपुन बी रोज उसके पीछू चला जाता था और अक्खा टाईम उसको फालो करता था...

फिर..

अपुन उसको देखकर इसमाईल करता था...और उस्ताद. ..वो भी अपुन को देखकर इसमाईल करती थी...!! ...पण...

क्यूँ. ..क्या हुआ..??

क्या बोलेंगा उस्ताद. .,.अपुन का तो साला बैड लक ही खराब है..

अबे पूरी बात तो बता...

वो कल अपुन हिम्मत करके उसको आई लव यू बोल दिया...

हम्म. ..फिर...??

फिर उसने भी अपुन के गाल पर एक निशानी दिया...

ओय होय...!! पप्पी दी...??

अरे नक्को उस्ताद. ..!! चमाट मारा...!! ये घुमा के.....

हा हा हा...

हंस लो हंस लो...उस्ताद. .!! कोई बात नही...अपुन भी हार नही मानेंगा..!! किसी न किसी आईटम को पटाकर ही दम लेगा..!! बस आप एकबार मेरा साथ दे दो...

साथ दे दूं...!! मगर कैसे..??

दैखो उस्ताद. ..वो अपना पकिया है न...उसकी खोली के बाजू मे एक मस्त आईटम रहती है..॥ कल वो जब काम पे जायेगी न...तो आप उसके साथ रास्ते मे मवाली का माफिक छेड़छाड़ करना...और तभी अपुन आकर उसको बचायेगा...!! और फिर तो.,, इलू इलू....खी खी खी...

अबे ढक्कन..!! साले...ये सब फिल्मो मे होता है...असल जीवन मे नही..!! मगर तेरी मोटी अकल मे ये बात कहाँ घुसेगी...!!

तो उस्ताद. ...आप ही कोई तरीका बताओ न लड़की पटाने का...!! Rajesh उस्ताद बता रहे थे कि अपनी जवानी मे तो आप भी...!! खी खी खी....

अबे चुपकर बे..,!! साले तेरी भाभी ने सुन लिया तो ढिंका चीका कर देगी मेरा...

उस्ताद प्लीज...!! जरा तो रहम खाओ चेले पर.,

मस्का मार रहा है बेटा. .! अच्छी बात है...!!.. तो सुन..., पहली बात ये है कि कभी भी किसी लड़की को "पटाने" जैसी छिछोरी नीयत मत रखो...!! याद रखो...नारी इस सृष्टि मे ईश्वर की बनाई सबसे सुंदर और श्रेष्ठ कृति है..!! इनका सम्मान करो...सिर्फ दिखाने के लिए नही....बल्कि सचमुच दिल से...!! समझा. .

समझ गया उस्ताद. ..! और....

और पहले खुदमुख्तार बनो...!! अपने पैरो पर खड़े हो..!! किसी निठल्ले टपोरी से कोई लड़की कभी प्यार नही कर सकती...!!

हम्म. ..!! ठीक बोला उस्ताद. .!! और...

और लड़की से धीरे धीरे जान पहचान बढाओ...!! अगर उसकी दिलचस्पी तुमसे जान पहचान करने मे न हो तो जिद मत करो.....खुद को कभी उसपर मत थोपो...उसकी भावना का सम्मान करो...

बरोबर बोला...! और...

और अपने व्यक्तित्व... बोलचाल और तौर तरीके मे...शिष्टता...शराफत...शालीनता और धीरज का समावेश करो...!! कभी भी जबर्दस्ती बेतकल्लुफ होने की कोशिश मत करो...!!

हम्म. ..!! इस बात को जरा खोलकर समझाओ उस्ताद. ..

देख जमूरे. ..!! किसी नाजनीन का प्यार हासिल होना इस कायनात का सबसे हसीन अहसास है...!! मगर ये अहसास उनकी खुशी और मर्जी के बिना कभी हासिल नही हो सकता. .!! आये दिन समाज मे छेड़छाड़ या बलात्कार की खबरे आती है...॥ ऐसी गिरी हुई और घिनौनी मानसिकता वाले लोग भले ही इसमे मर्दानगी समझते है ....मगर...सच्चाई यही है कि ऐसे कुंठित लोग ही सबसे बड़े नामर्द होते है...!! वो नही जानते कि जिस "हासिल" के लिए वो ऐसे घृणित कुकर्म करते है....वो जिस्मानी ताकत के बूते पर मिलना नामुमकिन है...

बहुत सुंदर बात कही उस्ताद. ..!! और...

और...ये बात गांठ बांधकर रख ले...कि कभी अगर तकदीर तुझपे मेहरबान हो जाये और तेरी जिंदगी मे कभी मोहब्बत का फूल खिल जाये... तो भूलकर भी उसे धोखा मत देना..!! याद रखना...नारी का दिल दुखानेवाला कभी पुरसुकून जिंदगी नही गुजार सकता...!! वो नारी चाहे महबूबा हो...या बीवी...मां...बहन...बेटी...मित्र या फिर कोई अजनबी ही क्यों न हो..,.!!!!

क्या खूब बोला उस्ताद. .!! मगर कभी कभी हालात भी तो ऐसे हो जाते है...जो हमराहियो को राहे जुदा करने पर मजबूर कर दे...

हाँ जमूरे. .,!! ये तो सच कहा तूने..!! वक्त और हालात पर भला किसका जोर चला है... दुनिया मे...

अरे उस्ताद. ..!! आप तो जजबाती हो गये..! आपकी आंखे क्यों भर आई...??

कुछ नही बे...!! यूँ ही कुछ गिर गया आंख मे....

नही उस्ताद. ..!! कुछ तो बात है...

अबे मेरी बात छोड..!! ये बता.....इतनी देर मैने लेक्चर दिया...तेरे भेजे मे कुछ घुसा भी या नही...!!

खी खी खी....

अबे कंबख्त. ..दांत क्यों चमका रहा है बे...

उस्ताद. ..सिर्फ अपुन ही नही हंस रहा...अपने पीछू देखो...सीमा जी और मधु जी भी मुंह घुमा के हंस रहेली है आपके लेक्चर सुनके....

ओ तेरी...!! वो दोनो कब आ गई. .?? ....अबे साले...नामाकूल..दुष्ट. ..पाजी...!! यहाँ तो कोई भी नही खड़ा मेरे पीछे....

खी खी खी..,!! बस ऐंवई आपकी फिरकी ले रिया था उस्ताद. ..!!!

अबे कंबख्तमारे...उस्ताद की फिरकी लेता है..!!

ही ही ही...ये शराफत और सभ्यता का फंडा अपने बस का नही उस्ताद. ..!!! अपुन तो साला छिछोरा टपोरी ही ठीक है...!!..क्या..

फिर तो बेटा. ..बस चमाट ही लगेगे हसीनो से...

इस बहाने छू तो लेगी अपुन को...खी खी खी...

उफ्फ्फ....
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