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उत्तर प्रदेश टेक्नीकल यूनिवर्सिटी जब नहीं थी यूपी में तब वहां से इंजिनियर और मैनेजर, फार्मा करने लोग बड़ी मात्रा में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र जाते थे। क्यों की BHU, रुड़की, IIT, मोतीलाल, कुछ गिनेचुने कालेज और स्टेट यूनिवर्सिटी में (जहाँ ये कोर्स थे) सबका नहीं हो पाता था क्यों की राज्य बड़ा था और सीटे बहुत कम। राजनाथ सिंह जी जब शिक्षा मंत्री थे तभी से उनके मन में था एक टेक्नीकल यूनिवर्सिटी राज्य में होनी चाहिये। डॉ मुरली मनोहर जोशी जी से राजनाथ सिंह जी मिले और बताया तो उन्होंने कहाँ अच्छा प्रस्ताव है। उसके बाद यूपी में बीजेपी की आधी अधूरी सरकार जब आयी तो राम प्रकाश गुप्ता जी CM बने गुप्ता जी घनघोर संघी थे साथ ही चरण की सरकार में तकनिकी शिक्षा जैसे विभाग में काम का अनुभव भी था उनको राजनाथ सिंह जी की बात समझ आयी, उसके बाद इसकी तैयारी शुरू हो गयी, IIT कानपुर और HBTI के प्रोफेसर लोग इसका प्रारूप बनाने लगे। कुछ ही दिन बाद राजनाथ सिंह जी यूपी के CM बने और 8 मई 2000 को UPTU की आधार शिला रख दी गयी। जो 2003 आते आते दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नीकल यूनिवर्सिटी बन गयी, और यूपी के बच्चे , जिसमे मिडिल क्लास, गरीब के बच्चे जान पाए की इंजीनियर हम भी बन सकते है, आज UPTU से पड़े बच्चे 38000 करोड़ की सालाना आमदनी कर रहे है, यूपी के लिए देश के लिए। उसके बाद सपा और बसपा ने केवल उसके नाम ही बदले है। माननीय कल्याण सिंह जी के समय नक़ल बिलकुल नहीं हुई थी ये सच है, लेकिन शिक्षा मंत्री कौन था। बाकि 2001, 2002 और 2003 का यूपी बोर्ड का रिजल्ट एक बार देखना तब समझ आयेगा नक़ल तो राजनाथ सिंह जी के समय भी नहीं हुई। बाकि के साल का रिजल्ट भी देख के अंदाज़ा लगा सकते है। बहुत अल्प समय में राजनाथ सिंह जी ने यूपी की शिक्षा में बहुत गुणात्मक सुधार किये थे।

राजनाथ सिंह जी आज के समय में एक मात्र नेता है जो ब्लाक स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक बीजेपी संगठन में सभी सर्वोच्च पद पर रहे है बीजेपी के 2 बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे है। उससे भी बड़ी बात है जब से बीजेपी संगठन में आये तब से अब तक उनके पास पद की कमी नहीं रही, उनके लिए संगठन हो या सरकार हर जगह खिंचा तानी रहती है। राजनाथ सिंह जी फेसबुक पर फेमस हो न हो लेकिन आरएसएस और संगठन में आज के समय में उनसे बड़ा फेमस नाम कोई नहीं है, क्यों की उनको बीजेपी संगठन और आरएसएस दोनों चाहते है। कभी उनका रिकार्ड देखना 50 साल से आरएसएस स्व जुड़े हुये है, 13 साल की उम्र में जुड़ गये थे। यही कारण है अटल जी की 5 साल की सरकार में 2 बार मंत्री और उसी दौरान यूपी के मुख्य मंत्री भी बने। मतलब पहले अटल जी की सरकार में मंत्री वहाँ से यूपी भेजा गया CM बना कर, फिर जब CM पद से हटे हो केंद्र में फिर मंत्री। और हर बार महत्वपूर्ण मंत्रायल। काम भी शानदार रहा है उनका संगठन से सरकार तक में। हाँ उसका प्रचार नहीं हुआँ। क्यों की राजनाथ सिंह जी मृदुभाषी है बहुत। राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व और संगठन क्षमता की वजह से कर्नाटक जैसे राज्य में बीजेपी की सरकार बनी। यदुरप्पा जी चेला है राजनाथ सिंह जी के। एक बात और बीजेपी जब हार गयी 2004 में तब 2005 में इनको बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया। अगर आडवाणी जी जिन्ना की मजार पर फूल नहीं फेके होते तो गठबंधन में ही सही PM बन गये होते। बाकि आडवाणी जी की किस्मत भी कुछ खराब थी।

राजनाथ सिंह जी जब अटल जी की सरकार में भूतल परिवहन मंत्री थे। तब उन्होंने ने ही बहुत कम समय में अटल जी की ड्रीम योजनाओं में से एक राष्ट्रीय राजमार्ग योजना का पूरा खाका बनाया था और उनके समय में ही शिलान्यास करके काम शुरू हो गया था। 99.99% जागरूक लोगो को भी ये बात नहीं पता है, अब भले चल जाये। उन सब हाईवे का श्रेय अटल जी को मिलता है जब की शायद कभी किसी ने राजनाथ जी नाम लिया हो। ठीक उसी तरह जैसे नितीश जी ने रेलवे में सबसे अच्छा काम किया और लालू जी को सब क्रेडिट मिल गया, नितीश जी का कोई नाम भी नहीं लिया। आज भी किसी से पूछो तो बोलता है कि लालू जी रेलवे का कबाड़ बेच दिये या लिए नाम हुआ, क्यों की लोगो को नितीश के काम पता ही नहीं है। खैर, उसके बाद राजनाथ सिंह जी को यूपी का CM बना दिया गया आगे का सबको पता ही है। फिर जब राजनाथ सिंह जी को अटल जी ने केंद्र में कृषि मंत्री बनाया तब बहुत ही उम्दा काम किया वहाँ भी, किसान काल सेंटर, कृषि बीमा योजना, यूरिया नीति फिर से बनायीं गयी, किसान जो पहले 14% पर क़र्ज़ मिलता था उसको 8% कर दिया गया, पहाड़ी राज्यो को ऑर्गेनिक खेती के लिए 2 हज़ार करोड़ का अलग फंड बनाया, हाला की उस फंड का लाभ केवल सिक्किम ही ले पाया बाकि सब टशन में ही रह गये। कृषि मन्त्री राजनाथ सिंह जी 2003 में बने थे 2004 में सरकार चली गयी, चमकता भारत के चक्कर में। किसी ने मुझसे बहुत तैश में पूछा था राजनाथ की क्या उपलब्धि है तब बोला था पोस्ट ही लिख दूँगा और फैक्ट के साथ लिखूंगा। बाकि सब नेता एक जैसे नहीं होते है मार दूँगा काट दूँगा करने वाले। जो भी बहस करना चाहता है फैक्ट पर करे हवा हवाई करना हो तो दद्दा लोग बहुत है FB है वही चले जाना भाई आग्रह है। बाकी राजनाथ सिंह जी वर्तमान में भी बहुत अच्छा काम कर रहे है। बंगाल में कुछ हुआ तो इसका मतलब ये नहीं है कि राजनाथ जी वहाँ तख्ता पलट कर सेना लगा दे। ठंढे दिमाग से कुछ सोचा करिये भाई , बाकि वह मोदी जी से कट्टर है इसको जान लीजिये। क्यों की वह आराम से काम कर देते है हल्ला नहीं। न्यूज़ को मैनेज करना जेटली जी का काम है, रविशंकर जी का काम है राजनाथ सिंह जी का नहीं। और इन दोनों के काम में मोदी जी भी हा में हा ही मिलते है। जय हिंद।

(Abhinav Pandey द्वारा मेरी पोस्टों से संकलित)



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