हिन्दी English
      आदरणीय लेखक श्री भगवान सिंह को पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें.      इस साईट पर विजिट करने के लिये धन्यवाद ! आपका रीडराइटहियर.कॉम पर हार्दिक स्वागत है.      अपना सन्देश यहाँ दिखाने के लिये हमसे सम्पर्क करें.      अपने प्रिय लेख पढने के लिये लॉग इन अवश्य करें, पढने पर भी आपको अंक प्राप्त होते है.      राष्ट्रवादी कवि डॉ अशोक शुक्ला को पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें.
उर्फ़ मलंग मिस्त्री
अ-26K
प-96
टि-9
सा-105
फा-90


शुद्ध सात्विक गाड़ी ज्ञान....
.
प्रिय चालकों......अक्सर लोगों में इस बात को लेकर बहस रहती है की सेडान और हैचबैक में से बेहतर कौन है....आइये आज इस अति-गहन विषय पर चर्चा हो जाए...
.
गाड़ी सेडान हो या हैचबैक....इससे कोई फर्क नहीं पड़ता...हर चालक की अपनी अपनी पसंद है....दोनों में से कोई भी किसी से कमतर नहीं है....अक्सर लोगों को ये भ्रान्ति रहती है कि सेडान,हैचबैक से ज्यादा पावरफुल होती है....ये भ्रान्ति दिमाग से निकाल दें....दूसरी भ्रान्ति ये कि सेडान में डिक्की होती है तो उसमें सामान ज्यादा आता है.......ये दोनों ही अन्धविश्वास हैं.....सोदाहरण यूं समझिये कि अगर आप 1.6 लीटर वाली हैचबैक चलायें और साथ में 1.2 लीटर वाली सेडान तो किसको चलाने में ज्यादा आनंद आएगा ?? जाहिर सी बात है कि हैचबैक चलाने में....आजकल ये फैशन सा चल पड़ा है कि बड़ी गाड़ी के चक्कर में लोग सेडान के दीवाने हैं....सिर्फ दिखावे के लिए कि हमारे पास बड़ी गाड़ी है जी...अरे भाई केवल दिखने से क्या होता है....मरी हुई इंजन कैपेसिटी वाली सेडान चलाकर क्या करोगे.....रही बात डिक्की की तो आजकल की सस्ती वाली सेडान में केवल डिक्की का उभार ही बड़ा होता है सामान उसमें उतना ही आता है जितना की एक प्रीमियम हैचबैक में....दूसरी बात देखने वाली ये है कि सेम इंजन कैपेसिटी वाली हैचबैक और सेडान की तुलना करें तो हैचबैक बेहतर परफॉर्म करती है क्योंकि उसका कर्ब-वेट ( Curb-weight) कम होता है (Curb-weight पर विस्तृत चर्चा अगले सत्संग में)....कर्ब वेट कम होने के कारण इंजन पर लोड कम पड़ता है जिससे कि गाड़ी-चालन की ओवर ऑल परफौर्मेन्स बेहतर होती है.....
.
आपसे अनुरोध है कि ना तो अपनी सेडान पर इतरायें और ना ही हैचबैक को लेकर हीन भावना पालें....दोनों अपनी अपनी जगह बेहतर हैं...हाँ सेडान अगर लेनी हो तो कम से कम 1.3 लीटर कैपेसिटी वाली लें तभी सेडान का असली मजा है..... और हाँ एक और अति-महत्वपूर्ण बात .....आजकल कार निर्माता चालकों के सेडान के प्रति मोह को देखते हुए सेडान के नाम पर कॉम्पैक्ट-सेडान भी चिपका देते हैं.....ये सबसे बेकार नस्ल है गाड़ियों की..सिर्फ नाम की सेडान....इसकी डिक्की भी छोटी होती है और ओवरऑल लम्बाई कम होने के कारण अन्दर का स्पेस एक हैचबैक से भी कम होता है......साथ ही सस्ती होने के कारण इनकी इंजन कैपेसिटी भी कम होती है....अब ऐसी सेडान का क्या अचार डालना है जो ना राइडिंग में आनंद दे....ना सामान पूरा आये और ना ही कम्फ़र्टेबल हो...इससे अच्छा तो नैनो चला लो.......
.
मूल बात ये है की सेडान लो तो कायदे की लो वरना उतने ही बजट में प्रीमियम हैचबैक ज्यादा बेहतर ऑप्शन है.....अगर बजट और बढ़िया है तो 5 -सीटर SUV लें.....वो हैचबैक का ही बड़ा रूप है...हर मामले में सेडान से बेहतर....
.
#मलंग_मिस्त्री द्वारा ड्राईवर हित में नि:शुल्क जारी...

टिप्पणी

क्रमबद्ध करें
नवीनतम प्राचीनतम

आगे जारी रखने के लिए कृपया लॉग इन करें.
© C2016 - 2025 सर्वाधिकार सुरक्षित